अपनी खुशियाँ लुटा कर उस पर कुर्बान हो जाऊँ,
काश! कुछ दिन वृन्दावन की मेहमान हो जाऊँ,
गर वो अपना नायाब दिल दे दे मुझको
फिर जो वापस मांगे तो... मैं
मुकर जाऊँ और बेईमान हो जाऊँ...
काश! कुछ दिन वृन्दावन की मेहमान हो जाऊँ,
गर वो अपना नायाब दिल दे दे मुझको
फिर जो वापस मांगे तो... मैं
मुकर जाऊँ और बेईमान हो जाऊँ...























































